डॉक्टर ही नहीं, कैसे हो इलाज ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं डॉक्टर, आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहते हैं बंद। - The Sanskar News

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Monday, July 26, 2021

डॉक्टर ही नहीं, कैसे हो इलाज ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं डॉक्टर, आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहते हैं बंद।

 डॉक्टर ही नहीं, कैसे हो इलाज ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं डॉक्टर, आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहते हैं बंद।


शिवपुरी - शिवपुरी तहसील के कोलारस खरई कस्बे में आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ही नहीं, कैसे हो इलाज ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं डॉक्टर, आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहते हैं बंद। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के भले ही दावे किए जा रहे हों, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आरोग्य प्राथमिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति यह है खरई कस्बे के आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं है या फिर आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद रहते हैं। ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वे अधिक रुपए खर्च कर शहर में इलाज कराने जा रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग कितना सजग है। यह इस बात से पता चलता है कि कोलारस के अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ का अभाव कई वर्षों से बना हुआ है। जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर पदस्थ हैं, उनमें भी डॉक्टरों के प्रतिदिन न आने से अस्पताल की जिम्मेदारी कंपाउडर, एएनएम या एमपीडब्ल्यू संभालते हैं। डॉक्टरों के न आने से ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है।

आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच लोगों का स्टाफ होता है, जिसमें एक डॉक्टर, एक कंपाउंडर, नर्स, एएनएम कार्यकर्ता और एक वार्ड ब्वॉय रहता है। इसके अलावा उपस्वास्थ्य केंद्र में एक महिला एएनएम कार्यकर्ता और एक पुरुष एमपीडब्ल्यू कार्यकर्ता रहते हैं।




ग्राम खरई के उप स्वास्थ्य केंद्र का फाइल फोटो।


दिन में 3 घंटे खुलते उप स्वास्थ्य केंद्र


ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आरोग्य प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र हैं। ये आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सप्ताह में सिर्फ मंगलवार और शुक्रवार को ही सही खुलते हैं। इसकी वजह यह है कि टीकाकरण के लिए मंगलवार का दिन निश्चित है। इस दिन चेकिंग दस्ता भी अंचल के निरीक्षण पर रहता है। इसलिए निरीक्षण के भय के कारण कार्यकर्ताओं को मजबूरी में इसे एक दिन खोलना पड़ता है। शेष सभी दिनों में आरोग्य प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र बंद रहते हैं। रही बात स्वास्थ्य परीक्षण की तो ग्रामीणों को स्वास्थ्य परीक्षण कराने या तो निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है या फिर सिविल अस्पताल में जाना पड़ता है।

 आरोग्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है और प्रयास किया जाता है कि ग्रामीणों को समुचित इलाज मिल सके।

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